सुशासन तिहार 2025: दंतेवाड़ा में मत्स्य कृषकों को मिला मत्स्य जाल
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत ग्रामीण समुदायों, विशेषकर किसानों और मछुआरों को शासकीय योजनाओं का लाभ पारदर्शी और त्वरित रूप से पहुँचाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस अवसर पर दंतेवाड़ा जिले में मत्स्य पालन विभाग ने मत्स्य कृषकों को मछली पालन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले जाल (नेट) वितरित किए, साथ ही उन्हें आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रशिक्षण भी प्रदान किया।
दंतेवाड़ा में मत्स्य कृषकों को मिला मत्स्य जाल
सुशासन तिहार का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की सुलभता सुनिश्चित करना, समस्याओं का त्वरित समाधान और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुँचाना है। इसी क्रम में मत्स्य पालन विभाग ने तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का सत्यापन कर त्वरित कार्रवाई की। कुआकोंडा के खतकुड़ी कोर्राम और बालवीर कोर्राम, हल्बारास के राजेश राणा, पांडेवार के महेश ठाकुर तथा टेकनार के अमेश कुमार को मत्स्य जाल प्रदान किए गए। इन जालों की उपलब्धता से न केवल उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि उनकी आय और आर्थिक स्थिरता को भी बल मिलेगा।विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह पहल मत्स्य कृषकों के लिए एक उपहार के समान है, जो उनकी आजीविका को सशक्त बनाने के साथ-साथ शासन के प्रति उनके विश्वास को और मजबूत करेगी। मत्स्य जाल के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण इन किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दंतेवाड़ा जिला प्रशासन और मत्स्य पालन विभाग ने इस दिशा में निरंतर प्रयासों का आश्वासन दिया है, ताकि अधिक से अधिक हितग्राही लाभान्वित हो सकें। यह पहल सुशासन के प्रति छत्तीसगढ़ शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

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