इमरजेंसी में राहत ट्रेन बनी बेबस, बीच रास्ते इंजन ने दिया जवाब
जबलपुर: पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल में शुक्रवार को उस वक्त एक अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए बजाए गए सायरन के बाद रवाना हुई एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) का इंजन रास्ते में ही खराब हो गया। इंजन फेल होने के कारण इस राहत ट्रेन को बीच रास्ते से ही वापस जबलपुर मुख्यालय बुलाना पड़ा।
सिहोरा-डुंडी के बीच आयोजित थी मॉकड्रिल, जबलपुर में बजाए गए थे छह सायरन
रेल प्रशासन की तरफ से सुरक्षा और बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए सिहोरा और डुंडी स्टेशनों के बीच एक विशेष मॉकड्रिल का आयोजन किया गया था। इसी अभ्यास के तहत जबलपुर रेलवे स्टेशन पर खतरे के कुल छह सायरन बजाए गए, जिसके कुछ ही मिनटों बाद एआरटी और मेडिकल रिलीफ ट्रेन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया था।
रवाना होते ही कुछ दूरी पर बंद हुआ इंजन, दूसरा इंजन भेजकर वापस बुलाई गई ट्रेन
जैसे ही एआरटी ट्रेन जबलपुर से रवाना हुई, वह कुछ ही दूरी तय कर पाई थी कि उसका मुख्य इंजन अचानक तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया। स्थिति को संभालते हुए तुरंत जबलपुर से दूसरा इंजन मौके पर भेजा गया, जिसके सहारे उस एआरटी ट्रेन को वापस सुरक्षित जबलपुर स्टेशन लाया गया।
अधारताल के पास रेलवे क्रॉसिंग पर फंसा ट्रक, टाली गई बड़ी बाधा
एक तरफ जहां मॉकड्रिल का यह तकनीकी वाकया चर्चा में रहा, वहीं दूसरी तरफ जबलपुर और अधारताल स्टेशनों के बीच दोपहर में एक वास्तविक घटना भी सामने आई। अधारताल के पास एक समपार (लेवल क्रॉसिंग) से गुजर रहा एक भारी-भरकम लोडेड ट्रक अचानक बीच पटरियों पर ही खराब हो गया, जिसे बाद में रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से हटाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया गया।

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