भाजपा की सरकार में गोविंद सिंह को निपटाने की तैयारी
भोपाल । आयकर विभाग ने राजस्व मंत्री गोविंद सिंह पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आयकर विभाग ने मंत्री गोविंद सिंह के साले, सरहज और उनके बेटे को अपने निशाने पर ले लिया है। आयकर विभाग को जो जानकारी मिली है। उसके अनुसार 195 एकड़ जमीन के सारे दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।
गोविंद सिंह राजपूत परिवार को जो जमीन दान में मिली बताई जा रही है। उसके बारे में भी आयकर विभाग ने अपनी जांच तेज कर दी है। आने वाले दिनों में गोविंद सिंह के ऊपर कड़ा शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सागर जिले के भाजपा नेता कांग्रेस से आयातित गोविंद सिंह राजपूत से भारी नाराज हैं। भाजपा में आने के बाद बड़ी तेजी के साथगोविंद सिंह राजपूत ने सागर जिले की राजनीति मे अपनी पेठ बनाने की कोशिश की है। जिसके कारण भाजपा संगठन में गोविंद सिंह को लेकर लगातार विरोध बढ़ता चला जा रहा है। सागर जिले में आर पार की लड़ाई में गोविंद सिंह पर हमले हो रहे हैं। विधानसभा के चुनाव में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। जिसके कारण अब कांग्रेस के आयातित नेताओं को निपटाने का नया दौर शुरू हो गया है। सागर जिला प्रशासन से आयकर विभाग ने सभी दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। गोविंद सिंह राजपूत और उनके रिश्तेदारों के नाम पर पिछले 10 सालों में जो भी जमीन खरीदी गई है, या राजस्व रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन किए गए हैं। उन सब की जांच आयकर विभाग कर रहा है।
आयकर विभाग बेनामी संपत्ति अधिनियम 1988 की धारा 21 के तहत सारे दस्तावेजों को संज्ञान में ले रही है। आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के साले हिमाचल सिंह राजपूत, करतार सिंह राजपूत, सविता बाई राजपूत, प्रथमेश राजपूत और शुभम राजपूत जांच के दायरे में लिया है। 195 एकड़ जमीन में से पिछले 10 सालों में कितनी आय बताई गई है। किसकी रिटर्न में आय है। आयकर विभाग जिसकी भी जांच कर रहा है।
गोविंद सिंह राजपूत ने मीडिया में जानकारी देते हुए कहा, यह मामला बहुत पुराना है। जो जमीन उन्हें दान में दी गई थी। दान दी गई जमीन उन्होंने वापस कर दी है। जो भी हुआ है सब वर्तमान कानून के अनुसार सही है। आयकर विभाग ने मुझ से कोई पूछताछ नहीं की है। मेरे राजनीतिक विरोधी इस मामले को हवा दे रहे हैं।

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