इमरजेंसी के 50 साल पर बोले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी
मुरादाबाद। आपातकाल गांधी परिवार की उस सोच का परिचायक था जिसमें स्पष्ट हो गया था कि उनके लिए पार्टी और सत्ता परिवार के लिए होती है। देश और संविधान के लिए नहीं। आज कांग्रेस में चेहरे बदल गए हैं लेकिन तानाशाही की प्रवृत्ति और सत्ता का लोभ जस का तस है। 50 वर्ष बाद आज आपातकाल को याद करना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि यह इतिहास की एक घटना मात्र नहीं बल्कि कांग्रेस की मानसिकता का प्रमाण भी है। इंदिरा गांधी की यही तानाशाही मानसिकता आज कांग्रेस के नेतृत्व में दिखाई देती है। आपातकाल के 50 वर्ष को काला दिवस के रूप में मना रही भाजपा कार्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी ने यह बातें कहीं। वह यही नहीं रुके।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, कि कांग्रेस जिन संस्थाओं को लोकतंत्र का रक्षक रहती है उन्हीं संस्थाओं को अपने शासन में रबर स्टांप बना देती है। यह दोहरापन आज भी उनकी राजनीति में स्पष्ट दिखाई देता है। कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार की मानसिकता आज भी 'हम ही राष्ट्र हैं' है। यही कारण है कि उन्हें जनता का स्पष्ट बहुमत भी हमेशा लोकतंत्र का संकट नजर आता है।
जावेद अली की टिप्पणी पर दिया जवाब
प्रदेश अध्यक्ष ने सपा नेता जावेद अली की टिप्पणी कि कांग्रेस ने घोषित इमरजेंसी लगाई थी जबकि भाजपा सरकार में अघोषित इमरजेंसी है। इस पर कहा कि उन्हें अपनी पार्टी के लोगों से पहले चर्चा कर लेनी चाहिए तब ऐसी टिप्पणी करनी चाहिए थी।

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