IndusInd Bank के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव, SEBI ने इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों की जांच शुरू की
प्राइवेट सेक्टर के इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) की मुश्किलें बढ़ सकती है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Sebi) इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider trading) की जांच कर रहा है। बैंक ने इस महीने की शुरुआत में बड़े डेरिवेटिव घाटे की भी जानकारी दी थी।
सेबी ने प्राइवेट सेक्टर बैंक से उसके पांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए सौदों के बारे में जानकारी मांगी है। रेगुलेटर यह जांच कर रहा है कि क्या अधिकारियों के पास ऐसी गोपनीय जानकारियां थी, जो सार्वजानिक नहीं हुई।एक रिपोर्ट ने बताया सेबी बैंक की तरफ से डिस्क्लोजर नियमों के उल्लंघन को लेकर भी जांच कर रहा है।
इंडसइंड पर अकाउंटिंग संबंधी चूकों पर भी जांच जारी
प्राइवेट सेक्टर बैंक पर धोखाधड़ी या आंतरिक चूक को लेकर भी जांच चल रही है। मुंबई स्थित बैंक ने इस महीने की शुरुआत में बताया था कि उसने करेंसी डेरिवेटिव्स को बुक करने के तरीके में अकॉउंटिंग चूक पाई हैं। यह कम से कम छह साल पहले की हैं और इसका अनुमानित प्रभाव लगभग 17.5 करोड़ डॉलर है।
बैंक ने ग्रांट थॉर्नटन को पड़ताल करने के लिए नियुक्त किया है, ताकि इस महीने पकड़े गए लेखा संबंधी चूकों की जांच हो सके और यह पता लगाया जा सके कि इसमें कोई धोखाधड़ी या आंतरिक चूक का सबूत है या नहीं।
इंडसइंड बैंक मैनेजमेंट में हो सकता है बदलाव
इंडसइंड बैंक ने 7 मार्च को स्टॉक एक्सचेंजों को बताया था कि भारतीय रिजर्व बैंक ने उनके प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) सुमंत कठपालिया का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है, जो 23 मार्च, 2026 तक रहेगा। हालांकि, इसके फौरन बात हैरान करने वाले वाकये होने लगे।
बैंक ने 10 मार्च को बाजार में कारोबार बंद होने के बाद एक्सचेंजों को बताया कि डेरिवेटिव्स की अकाउंटिंग में उसे कुछ गड़बड़ी मिली हैं। बैंक ने ‘विस्तृत आंतरिक समीक्षा’ की, जिसमें दिसंबर 2024 की उसकी नेट वर्थ में करीब 2.35 फीसदी चोट पड़ने का अनुमान लगाया गया। इसका मतलब है कि बैंक को 1,600 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग करनी पड़ी।
इंडसइंड बैंक ने स्वतंत्र समीक्षा करने और आंतरिक जांच को परखने के लिए एक प्रतिष्ठित बाहरी एजेंसी नियुक्त की है। उसकी रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि बैलेंस शीट पर कितनी चोट पड़ी है।
इंडसइंड बैंक के शेयर में गिरावट
इस बीच, इंडसइंड बैंक के शेयर सुबह 10 बजे एनएसई (NSE) पर 6.35 रुपये या 0.97% की गिरावट लेकर 648.95 रुपये प्रति शेयर पर चल रहे थे। पिछले एक महीने में बैंक के शेयरों 38% से ज्यादा की गिरावट आई है। वहीं, बीते छह महीने में शेयर 55% से ज्यादा टूट चुका है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,576 रुपये है।
इंडसइंड बैंक भारत का पांचवां सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है, जिसका बैलेंस शीट 63 बिलियन डॉलर का है। 10 मार्च को पहली बार इसकी जानकारी दिए जाने के बाद से इंडसइंड बैंक के शेयरों में 27% से अधिक की गिरावट आ चुकी है।
इनसाइडर ट्रेडिंग क्या होती है?
इनसाइडर ट्रेडिंग उसे कहा जाता है जब किसी कंपनी के बारे में गैर-सार्वजनिक या महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर शेयरों में ट्रेडिंग की जाती है। इस जानकारी तक पहुंच रखने वालों को अनुचित लाभ मिलता है। यह बाजार में अनुचित माहौल पैदा करता है, जहां कुछ निवेशकों को ऐसी जानकारी तक पहुंच मिल जाती है जो अन्य को नहीं मिल पाती।

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