फ्री की योजनाओं पर 1.20 लाख करोड़ बांट रही एमपी सरकार 
वेतन-भत्तों और पेंशन में ही बांट दिए जाते हैं एक लाख करोड़ 

सीताराम ठाकुर, भोपाल।  मप्र में लाडली बहना, लाड़ली लक्ष्मी, किसान सम्मान निधि, किसानों को बिजली में छूट और सब्सिडी सहित अनेक योजनाओं में मप्र सरकार एक लाख 20 हजार करोड़ से अधिक की राशि बांट रही है। यहीं कारण है कि मप्र में लगातार भाजपा सरकार काबिज है। मंत्रियों, लोकायुक्त, हाईकोर्ट, सूचना आयोग तथा सरकार के अधिकारियों कर्मचारियों को ही वेतन-भत्ते और पेंशन देने में एक लाख करोड़ का खर्च हो रहा है। यहीं वजह है कि लगातार एमपी पर कर्जा चढ़ता जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि की तर्ज पर मप्र में भी 97 लाख किसानों को हर साल सरकार तीन किस्तों में 6-6 हजार रुपए दे रही हैं, लाड़ली बहनों को 1500 रुपए के हिसाब से एक रकोड़ 26 लाख बहनों को सालाना करीब 21 हजार करोड़ रुपए बांटे जा रहे हैं। किसानों को कम दामों पर बिजली, बिजली में सब्सिडी, लाड़ली लक्ष्मी योजना, उज्जवला योजना, संबल योजना जैसे अनेक योजनाओं में फ्री का पैसा बांटने का काम मप्र की सरकार कर रही है। सीएजी ने 2024-25 की रिपोर्ट में बताया कि सरकार वेतन-भत्ते, पेंशन, मजदूरी, सहायता अनुदान, राजसहायता, सर्शत सहायता अनुदान, क्षतिपूर्ति, परिसंपत्तियों के निर्माण आदि पर ही एक लाख करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च कर रही है। वर्ष 2024-25 में मप्र सरकार ने राजस्व मद में 2 लाख 48 हजार 947 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जबकि पूंजीगत मद से 97 हजार 013 करोड़ रुपए खर्च किए। इस तरह एक साल में 3 लाख 45 हजार 938 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जो मप्र सरकार के कर्ज से थोड़ा कम है। 

सरकार के कुछ महत्वपूर्ण खर्चें 

खर्च की श्रेणी  -  राशि करोड़ में 

 कर्मचारी वेतन   -   51, 191 
 मजदूरी पर खर्च -   2, 987 
 पेंशन एवं हितलाभ-  21, 874 
 सामाजिक पेंशन   -  2, 792 
 अफसरों के वेतन -  00,182 
 मंत्रियों के वेतन-भत्ते- 0, 27 
 राज्यपाल, कोर्ट आदि-0, 952 
कार्यभारित कर्मचारी  - 0, 849 
कार्यालय व्यय के नाम-1, 402 
छात्रवृत्तियों पर      -   3,675 
वृहद निर्माण        -   59,493 
निवेश लाने पर     -    6,991 
कर्ज पटाने पर    -  26, 496 

 फ्री की योजना पर बंट रही राशि 

विभिन्न मद  - राशि करोड़ में 
 सहायता अनुदान- 73,526 
 योजना में अंशदान - 4,370 
 राजसहायता में    - 43,687 
 सर्शत सहायता    -  1, 832 
 अन्य प्रभार के नाम- 0,976 
 नुकसान की भरपाई-0, 315

मप्र सरकार पर कर्ज की स्थिति 

मार्च 2024 में राज्य पर कुल कर्ज 3.75 लाख करोड़ था, जो मार्च 2025 तक बढ़कर 4.67 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इस समय मप्र के प्रत्येक व्यक्ति पर अनुमानित कर्ज करीब 53 हजार रुपए हो गया है। यदि लोक लेखा पर दायित्व 75 हजार करोड़, लघु बचत, भविष्य निधि से लिए गए कर्ज सहित अन्य को जोड़े तो मप्र सरकार पर 31 मार्च 2024 की स्थिति में 4 लाख 81 हजार 280 करोड़ तथा 31 मार्च 2025 की स्थिति में यह बढ़कर 5 लाख 49 हजार 354 करोड़ हो जाता है। यह हम नहीं, बल्कि सीएजी की रिपोर्ट के आंकडेÞ बताते है।