मोहन ने दो साल में की 862 घोषणाएं, सिर्फ 81 ही पूर्ण, 92 पर चल रहा काम, 173 नस्तीबद्ध और 689 अभी अधूरी 

भोपाल। मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव के दो साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने फालतु की घोषणाओं की अपेक्षा जल्द पूरी होने वाली चुनिंदा करीब 862 घोषणाएं की है और इनमें से अभी तक सिर्फ 81 ही पूर्ण कराई जा सकी है, जबकि 92 सतत प्रक्रिया में पूर्ण होने की कगार पर हैं। वैसे जिन पर काम नहीं हो सका ऐसी173 घोषणाओं को नस्तीबद्ध कर दिया गया है। अभी भी सीएम की 689 घोषणाएं अधूरी हैं, जिन्हें जल्द पूरा कराने के प्रयास में सीएम सचिवालय जुटा है। 

  सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश का भ्रमण करते समय, विभिन्न कार्यक्रमों और राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान जनकल्याण से जुड़ी सहित भाजपा के संकल्प और शहरों के नाम परिवर्तन करने, नई सड़कों का निर्माण, स्कूल-कॉलेज भवन, आईटीआई, नवीन सिंचाई परियोजना, आदिवासी छात्रावास, मेडिकल कॉलेज, धार्मिक, संस्कृति, खेल गतिविधियां, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, एमएसएमई, कर्मचारियों और उद्योगों से जुड़ी करीब 862 से अधिक घोषणाएं की है। लेकिन इनके पूर्ण होने की रफ्तार बहुत की धीमी है। यहीं कारण है कि सबसे ज्यादा लोक निर्माण, नगरीय विकास एवं आवास, उच्च शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन, पर्यटन और राजस्व विभाग की घोषणाएं की है। 

   इन विभागों की घोषणा की स्थिति  

   विभाग   - कुल घोषणा- ये यथावत 
 खनिज विभाग  -   12    - 12 
 तकनीकी शिक्षा  - 11  -   11 
 धार्मिक न्यास     - 19  -  19 
 नर्मदा घाटी विकास-15 -  15 

    ये घोषणाएं बहुत कम ही पूर्ण 

  पर्यटन विभाग  - 33   -  32 
 राजस्व विभाग  - 28    - 26 
 मेडिकल-हेल्थ -  52   - 46 
 जल संसाधन    -  38   - 33 
 उच्च शिक्षा       - 59    -  49 
 ऊर्जा विभाग     - 24    - 20 
  लोक निर्माण   - 115   - 93 
  नगरीय विकास -108  -  78 
  पंचायत विभाग - 43   -  33 
   स्त्रोत सीएम सचिवालाय 

 इन विभागों की बहुत कम घोषणाएं 

 अनुसूचित जाति से जुड़ी सिर्फ एक, नवकरणीय ऊर्जा की तीन, परिवहन की एक, वाणिज्यिक कर तीन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की 2, फायनेंस की एक, ओबीसी 5, मछुआ कल्याण एक, विधि एवं विधायी एक, खाद्य नागरिक आपूर्ति 7, सामाजिक न्याय की सिर्फ एक, विमानन की 7, पीएचई की 5, एमएसएमई में 7, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की 4, किसान कल्याण की 10, कुटीर एवं ग्रामोद्योग में दो एवं महिला बाल विकास की तीन ही घोषणाएं की गई हैं। सीएम ने एक अन्य घोषणा भी की है, जो अभी तक पूर्ण नहीं हुई है।