सीताराम ठाकुर, भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हाईकमान ने 18 माह बाद पूरे पॉवर से नवाज दिया है। मोहन अब निगम-मंडल और बोर्ड में नियुक्ति से लेकर संगठन में पूरा दखल दे सकेंगे। चाहे प्रदेश में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति हो या एक्सटेंशन दिलाने के लिए उन्हें अब बार-बार केंद्र का मुंह नहीं ताकना होगा। यानि 18 माह बाद मोहन मोदी और शाह की कसौटी पर खरे उतरे हैं और हाईकमान का पूरा भरोसा जीता है। 13 दिसंबर 2023 को मप्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद डॉ. मोहन यादव ने 18 अगस्त सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मोहन यादव ने प्रधानमंत्री को सितंबर-अक्टूबर माह में मप्र में किसान सम्मेलन और भोपाल मेट्रो रेल के उद्घाटन में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। डेढ़ साल में मप्र में हर बड़े कार्यक्रम या प्रोजेक्ट के भूमिपूजन या शिलान्यास में प्रधानमंत्री शामिल हुए हैं। मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री से उनकी यह 16वीं प्रत्यक्ष मुलाकात थी। करीब डेढ़ साल में मोहन ने दिल्ली पहुंचकर 8 बार पीएम से मुलाकात की है। वहीं, प्रधानमंत्री 7 बार मप्र आए हैं। जबकि एक मुलाकात जयपुर में पीकेसी परियोजना के शिलान्यास के दौरान हुई थी। 

पहले दिया 18 महीने के कामकाज का ब्यौरा 

सीएम मोहन यादव ने पिछल्ली बार हुई मुलाकात में भविष्य के लिए प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन और सहयोग का अनुरोध किया था। सीएम ने उनसे पार्लियामेंट हाउस में मुलाकात की थी और 18 महीने के कार्यकाल का हिसाब देते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास, गरीबी उन्मूलन, जनजाति कल्याण, नारी शक्ति स्वास्थ्य,शिक्षा, सुशासन , शहरी विकास, अधोसंरचना विकास, पर्यटन एवं संस्कृति, को संरक्षण और पर्यावरण का लेखा-जोखा रखा। साथ ही औद्योगिक निवेश की दुबई और स्पेन यात्रा के बारे में भी प्रधानमंत्री को विस्तार से बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उनको प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन और सहयोग प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए मिलता रहेगा।

हाईकमान का भरोसा जीतने पर दिए पावर 

सीएम मोहन यादव ने अपनी अधिकांश दिल्ली यात्रा के दौरान पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उनका भरोसा जीतने का प्रयास किया। मोहन ने कई बार भाजपा के राष्टÑीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की। दिल्ली में इन मुलाकातों और मप्र में जिस ढंग से मोहन ने अपने काम करने की छवि बनाई है, उसी का नतीजा है कि हाईकमान ने अब उनका भरोसा जीत लिया है और इसी का नतीजा है कि पार्टी और सत संगठन ने सीएम मोहन को पूरे पावर से उपकृत कर दिया। 

अपने हिसाब से कर सकेंगे नियुक्तियां 

सीएम मोहन यादव प्रदेश में खाली पडेÞ करीब 30 से 33 निगम-मंडल, बोर्ड अध्यक्ष, उपाध्यक्षों के पदों पर अपने हिसाब से नियुक्ति कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें मप्र भाजपा का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। पिछले दिनों सीएम हाउस में हुई मीटिंग में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा आदि ने मिलकर सत्ता और संगठन में नियुक्तियों को लेकर चर्चा भी की और इनमें अधिकांश पदों पर नियुक्ति को लेकर सहमति नजर आई। वहीं, सीएम यादव को अब प्रशासनिक जमावट, सीएस, डीजीपी की नियुक्ति, एक्सटेंशन आदि के लिए भी अब हाईकमान का मुंह नहीं ताकना होगा, बल्कि सीएम मोहन को हाईकमान ने इसके लिए भी पूरे पावर दे दिए हैं। अब जल्द नए मुख्य सचिव की नियुक्ति अथवा एक्सटेंशन को लेकर निर्णय लिया जाएगा?।