एक्सपोर्ट करने वाले फार्मा उद्योगों को ट्रांसपोर्ट खर्च अब सरकार देगी
भोपाल । एक्सपोर्ट, मतलब विदेशों तक अपना प्रोडक्ट भेजने के लिए बंदरगाह या एयरपोर्ट तक के ट्रांसपोर्ट का खर्चा, मतलब किराया अब सरकार देगी। ऐसी पॉलिसी बनाकर सरकार ने फार्मा इंडस्ट्रीज को बहुत बड़ी सौगात दी है। इससे एक्सपोर्ट यूनिट की बल्ले-बल्ले हो गई है। हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में एमपी सरकार ने जो नई औद्योगिक प्रोत्साहन पॉलिसी-2025 में लांच की है, उसमें फार्मा सेक्टर को भी कई सुविधाएं और रियायतें दी हैं।
भोपाल सहित मध्यप्रदेश की सभी फार्मा इंडस्ट्रीज को अपना प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करने के लिए बंदरगाह या एयरपोर्ट तक अपना माल पहुंचाने के लिए सरकार 40 लाख रुपए तक का किराया हर साल देगी। 5 साल में कोई भी एक्सपोर्ट यूनिट 2 करोड़ रुपए का किराया सरकार से हासिल कर सकती है। इसके अलावा सरकार ने अब पुरानी मशीन खरीदने पर नई मशीन खरीदने पर मिलने सब्सिडी की तरह सब्सिडी देने का प्रावधान शामिल किया है, लेकिन खरीदी जाने वाली पुरानी मशीन की गुणवत्ता ऐसी हो कि वह अगले 10 साल तक काम कर सके। ऐसी पुरानी मशीन खरीदने पर सरकार लगभग 40 प्रतिशत सब्सिडी देगी।
नई उद्योग नीति फार्मा सेक्टर के लिए बूस्टर साबित होगी
ड्रग मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन मध्यप्रदेश के चेयरमैन परेश चावला ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2025 फार्मा सेक्टर के लिए बूस्टर डोज साबित हुई है। नई उद्योग नीति की वजह से मध्यप्रदेश का फार्मा सेक्टर सरकार से मिलने वाली रियायतों और सब्सिडी के मामले में अब देश में नंबर वन बन गया है। इस पॉलिसी की वजह से देश की कई नामचीन फार्मा इंडस्ट्रीज की एक्सपोर्ट यूनिट मध्यप्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश करेंगी।

Tamil Nadu Elections 2026: BJP की पहली लिस्ट जारी, 27 उम्मीदवार घोषित, अन्नामलाई बाहर
बिलासपुर में हाई कोर्ट के वकील से 3 करोड़ की ऑनलाइन ठगी
बाहर से लौटते ही नहाने की आदत से हो सकते हैं ये नुकसान
केरल में पीएम मोदी का तीखा हमला: ‘अब गांधी वाली कांग्रेस खत्म
रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, पटरी पर लौटी 14 ट्रेनें
अमेरिकी सांसदों का MATCH एक्ट पेश, चीन की सेमीकंडक्टर पहुंच पर रोक